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*✔️ पार्ट 44*

✏️ (20) जब दोनों सुरीन ज़मीन पर या कुर्सी पर हैं और दोनों पाऊँ एक तरफ फैले हुये हैं या दोनों सुरीन पर बैठा और घुटने खड़े हैं और हाथ पिंडलियों पर मुहीत जो ख्वाह ज़मीन पर हो, दो ज़ानू सीधा बैठा हो या चार ज़ानू पालती मारे या खड़े खड़े सो गया या रुकू की सूरत पर या मर्दों के सजदा -ए- मस्नूना की शक्ल पर तो इन सब सूरतों में वुज़ू नहीं जायेगा और नमाज़ में अगर ये सूरतें पेश आयी तो ना वुज़ू जायेगा ना नमाज़, हाँ अगर पूरा रुख (Step) सोते ही में अदा किया तो उस का इआदा (दोहराना) ज़रूरी है।

हम पहले बयान कर चुके हैं सुरीन के ना जमे हुये होने के साथ साथ ये भी ज़रूरी है कि वो इस स्टाइल और पोज़ीशन पर सोया हो कि आराम से सो सके, कोई चीज़ डिस्टर्ब ना करे, कोई रुकावट ना हो मस्लन खड़े हो कर सोयेगा तो झपकी आते ही जाग जायेगा ताकि गिर ना जाये तो ऐसे में सोना माना ही नहीं जायेगा तो वुज़ू नहीं टूटेगा और जब ऐसी पोज़ीशन में सोयेगा कि आराम से गाफ़िल हो कर सो सकता है तो वुज़ू टूट जायेगा।

(21) अगर वुज़ू ना टूटने वाली शक्ल में सोया फिर नीन्द आने पर ऐसी शक्ल में आ गया जिस में वुज़ू टूट जाता है तो फौरन जाग कर उठ गया तो वुज़ू ना टूटेगा वरना जाता रहेगा।

*जारी है.......*



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