नमाज़ हर मोमिन मुसलमान पर फर्ज है

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*🥀 नमाज़ हर मोमिन मुसलमान पर फर्ज है 🥀*



*✔️ (पार्ट 07)*

✏️ हराम : इस का एक बार भी करना गुनाहे कबीरा है, ये फर्ज़ के मुक़ाबिल है यानी जो फर्ज़ है उसे तर्क करना हराम और जो हराम है उस से बचना फर्ज़ है।

मकरूहे तहरीमी : ये वाजिब के मुक़ाबिल है, इस का करने वाला भी गुनाहगार है, इस का गुनाह हराम से कम है लेकिन चंद बार इस का करना गुनाहे कबीरा है।

इसा'अ़त : ये सुन्नते मुअ़क्किदा के मुक़ाबिल है, इस का करना सबबे इताब है यानी अल्लाह त'आला और उस के रसूल की नाराज़ी और आदतन करने पर अज़ाब।

मकरूहे तन्ज़ीही : ये सुन्नते गैरे मुअ़क्किदा के मुक़ाबिल है, इस का करना शरीअ़त में नापसंद है लेकिन गुनाह नहीं अगर्चे आदतन हो।

खिलाफे अवला : ये मुस्तहब के मुक़ाबिल है यानी इस का ना करना बेहतर था लेकिन किया तो कुछ नहीं।

*✔️ जारी है......*



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*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*

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